• चित्रकूट के घाट पर भई सन्तन की भीर । तुलसीदास चन्दन घिसैं तिलक देत रघुवीर ।।

अक्षय तृतीया कई कारणों से महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सतयुग की शुरुआत हुई थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने परशुराम का अवतार लिया था। यही नहीं वेदव्यास और भगवान गणेश ने आज ही के दिन महाभारत को लिखना शुरु किया था। अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन लक्ष्मीनारायण जौ, सत्तू, ककडी और चने की दाल अर्पित की जाती है। इसके बाद ब्राह्मणों को दान करने से विशेष लाभ होता है। यही नहीं गरीबों को शरबत, ठंडा दूध, चप्पल और छाते का दान करना उत्तम रहता है।

अक्षय तृतीया बुधवार,१८ अप्रैल २०१८ को है ।