• चित्रकूट के घाट पर भई सन्तन की भीर । तुलसीदास चन्दन घिसैं तिलक देत रघुवीर ।।
सावन शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी होती है चौथ के दिन शाम को मोठ,चने भिगो दे | रात को खाना बनाकर रख दो |दूसरे दिन ठंडी रोटी खाओ | पहले तो एक जेवरी में सात गाठ साप बनाओ , बाद में जावडी के साप को पट्टे पर रख कर पूजा करो | जल , कच्चा दूध , बाजरे का आटा , घी , चीनी मिला कर लड्डू बनाकर चढ़ाओ |भीगा हुआ मोठ बाजरा ,रोली ,चावल ,दक्षिणा रोटी चढ़ाओ | पंचमी की कहानी सुन फिर मोठ बाजरे में बयाना निकलकर सासु जी के पैर छूकर दो अगर गांव में आपकी बेटी हो तो उसके भी बयाना भेजे और नाग पंचमी के दिन अपनी बेटियों को पीहर बुलाये|

इस वर्ष नाग पंचमी तिथि: ५ अगस्त २०१९ को है |

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली के दोषों में कालसर्प दोष एक बहुत ही महत्वपूर्ण दोष होता है। काल सर्प दोष भी कई प्रकार का होता है। इस दोष से मुक्ति के लिये भी ज्योतिषाचार्य नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने का महत्व बताते हैं।